श्री चन्द्रप्रभु विकलांग कल्याण समिति
जिला नि:शक्तजन पुनर्वास केन्द्र
जिला पुनर्वास केन्द्र अब वरदान सिद्ध होने लगा, नि:शक्तजनों के लिए
अलवर के अम्बेडकर नगर में स्थित श्री चंद्रप्रभु विकलांग कल्याण समिति द्वारा स्थापित नि:शक्तजन पुनर्वास केंद्र अब नि:शक्तजनों के लिए वरदान साबित हो रहा है इस केंद्र पर अब बैसाखी से चलकर आने वाले नि:शक्तजनों को कृत्रिम हाथ पैर लगाये जाने का कार्य शुरू कर दिया गया है । इस कार्य के बाद नि:शक्तजन अपने कटे हाथ -पैरों के स्थान पर निशुल्क रूप कृत्रिम हाथ-पैर लगवाने आने लगे हैं ।
स्थानीय मौहल्ला अखैपुरा निवासी जगदीश के दोनों पैर जल लाने से उसके पैरों से चलने की शक्ति ख़त्म हो गई थी इस पुनर्वास केंद्र पर कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण की शुरुवात के साथ ही जगदीश वहां पंहुचा और उसको कैलीपर्स लगाकर चलने फिरने में सक्षम कर दिया गया हैं । इसी मोहल्ले का निवासी दोलत राम जो रिक्शा चालक है, का एक पैर दुर्घटना के बाद कट गया था, अब उसे कृत्रिम पैर लगाकर चलने योग्य कर दिया गया है । इसी तरह स्थानीय बीच का मोहल्ला निवासी लक्ष्मण प्रसाद का भी पैर कटा हुआ है । जिसे भी इस केंद्र पर कृत्रिम पैर लगाया गया हैं । कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण की प्रकिया होने का दूसरा दिन बैसाखी के सहारे चलने वालों ने अपने पैरों से चलना शुरू कर दिया । आखिर नि:शक्तजनों के लिए यह वरदान ही बन रहा है यह सारी सुविधा नि:शुल्क ही मिलना भी एक उपलब्धि माना जा सकता है ।
कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण के साथ ही यहां रोजगार प्रशिक्षण केंद्र भी स्थापित कर दिया गया है जहां सिलाई, कम्प्यूटर आदि का प्रशिक्षण दिया जा रहा है । इस प्रशिक्षण केंद्र का उद्धघाटन जनता दल यु के राष्ट्रीय महासचिव चन्द्रराज सिंघवी ने किया ओर इस केंद्र की सराहना की । यहां प्रशिक्षण लेने वाले नि:शक्तजनों को भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त प्रमाण पत्र भी दिया जायेगा ताकि देश में कहीं भी अपने लिए रोजगार तलाश सकें ।
इस पुनर्वास केंद्र पर श्रीमती तारावन्ती साहिबराम कालरा कृत्रिम अंग व कैलीपर्स प्रत्यारोपण केंद्र स्थापित किया है जहां ये कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण का कार्य हो रहा है तथा सिलाई प्रशिक्षण केंद्र सार्थक सिलाई प्रशिक्षण केंद्र के नाम से स्थापित किया गया है, जिसके संचालन का दायित्व मैं. हैवल्स इंडिया लि. के महाप्रबंधक बी. के. श्रीवास्तव ने ले लिया हैं । इस केंद्र के संचालन में लक्ष्मी देवी इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग के चेयरमैन मनोज चाचान ने अपना पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन देते हुए दो यांत्रिक सिलाई मशीन एवं कम्प्यूटर उपलब्ध करने की घोषणा की है
इस पुनर्वास केंद्र को 'सम्बल' नाम दिया गया है और इसका लोकार्पण 9 मार्च को केंद्रीय खेल व युवा मामलात एवं रक्षा राज्य मंत्री तथा अलवर के सांसद भंवर जितेन्द्र सिहं ने किया था इस पुनर्वास केंद्र पर कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण का कार्य शुरू होने के साथ ही अतिरिक्त जिला कलेक्टर दित्तीय दीपक नंदी भी केंद्र पर पंहुचे और केंद्र में शुरू हुए कृत्रिम अंग प्रत्यारोहपण कार्य को देखा उन्होंने इस तरह के कार्यो की सराहना की
इस केंद्र का संचालन समिति के साथ जो लोग जुड़े हैं उनमे मुख्य रूप से खिल्लीमल जैन ( पूर्ण नि:शक्तजन आयुक्त ) महेश चन्द्र जैन अतार, हरीश कालरा, विनोद अग्रवाल, सुरेन्द्र कुमार जैन , अजित जैन , बच्चू सिह जैन, अविनाश माथुर, रामलाल वर्मा, डॉ. सीपी माथुर, अशोक आहूजा, प्रेमसिहं मेहता, हर्ष कुमार कुमार जैन, राजेश कुमार जैन, परमचंद नृपत्या, संतोष कुमार अरोड़ा, रामचरण सैन, श्रीमती सरला साचेती, डॉ. नारायण बिहारी शर्मा, प्रो. सुरेन्द्र यादव, डॉ. श्रॉफ आई हॉस्पिटल की टीम शामिल है इस केंद्र पर डॉ. श्रॉफ आई हॉस्पिटल की टीम समय समय पर नाक, कान गला तथा आखों से संबंधित रोगों के कैम्प लगाती है जिसमें नि:शुल्क रूप से मरीजो की जांच की जाती है